The Nazar dosh Diaries
लौंग से वशीकरण :लड़की हो या स्त्री दौड़ी दौड़ी चली आएगी
जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.
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प्राचीन तंत्र शास्त्रों पर विश्वास कर साधना करें ।
जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि से बचें।
मंत्र नियम : मंत्र-साधना में विशेष ध्यान देने वाली बात है- मंत्र का सही उच्चारण। दूसरी बात जिस मंत्र का जप अथवा अनुष्ठान करना है, उसका अर्घ्य पहले से लेना चाहिए। मंत्र सिद्धि के लिए आवश्यक है कि मंत्र को गुप्त रखा जाए। प्रतिदिन के जप से ही सिद्धि होती है। किसी विशिष्ट सिद्धि के लिए सूर्य अथवा चंद्रग्रहण के समय किसी भी नदी में खड़े होकर जप करना चाहिए। इसमें किया गया जप शीघ्र लाभदायक होता है। जप का दशांश हवन करना चाहिए और ब्राह्मणों या गरीबों को भोजन कराना चाहिए।
गुरु के छत्र-छाया में ही अनुष्ठान करें।
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साधना आरम्भ से पूर्व मंत्र को कण्ठस्थ करके'जप करें।
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साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पूर्ण पालन अवश्य करें।
उसके बाद जैसे ही सूर्य ग्रहण चालू होता है तो सूर्य ग्रहण चालू होने के बाद आप अपनी पूजा की जगह से किसी अन्य जगह पर जाकर बैठ जाए और फिर सामने घी का दीपक जलाएं और फिर उसके बाद अपने हाथ में थोड़ा सा पानी लेकर संकल्प लेकर साबर मंत्र जपना शुरू कर दे.
साधना काल में शुद्ध देशी here घी का अखण्ड दीपक जलायें।
परिहासे करे। नयन कटाक्षी करे। आपो न हाते। परहाते।